आदर्श आचार संहिता के पालन में सहयोग दें: डा. अंशज सिंह

सोनीपत, 24 सितंबर (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. अंशज सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चुनाव के दौरान उम्मीदवार 50 हजार रुपये तक की नकदी को साथ ले जाया जा सकता है। इससे अधिक मात्रा में नकदी ले जाते समय नकदी के प्राप्त करने व ले जाए जाने के कारण के प्रमाण के रूप में आवश्यक दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है। उडनदस्ते के चेक करने पर संबंधित उम्मीदवार को यह दस्तावेज व प्रमाण दिखाना अनिवार्य है। ऐसे में सभी राजनैतिक दल आदर्श आचार संहिता के पालन में सहयोग करें। डा. अंशज सिंह मंगलवार को सभी राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग को संबोधित कर रहे थे।

डा. अंशज सिंह ने चुनाव प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि 27 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। 27 सितंबर से 4 अक्तूबर के बीच नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 5 अक्तूबर को नामांकन पत्रों की समीक्षा होगी तथा 7 अक्तूबर को नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। 21 को मतदान होगा तथा 24 अक्तूबर को मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने की तिथि 27 अक्तूबर है।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने विधानसभा आम चुनाव 2019 के लिए स्वतंत्र, स्वच्छ व कानून की अनुपालना सुनिश्चित करके निर्वाचन करवाने हेतु प्रतिबद्घ है। इसमें चुनाव लडने वाले प्रत्याशियों एवं राजनीतिक दलों का सहयोग अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग, कानून व विधि मंत्रालय द्वारा नोटिफाईड करके चुनाव लडने वाले प्रत्याशी को जो शपथ पत्र फार्म 26 में लगाने आवश्यक थे उनमें अब संशोधन करके इन दोनों शपथ पत्रों का प्रपत्र 26 में एक ही शपथ पत्र संकलित करके तैयार किया गया है। उम्मीदवार के लिए अपने नामांकन पत्र के साथ नए नमूने में तैयार फार्म 26 में नोटरी या प्रथम श्रेणी एग्जीक्यूटिव मजिस्टे्रट से सत्यापित एक शपथ पत्र भी लगाना अनिवार्य है जिसका कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जा सकता है।

उपायुक्त ने कहा कि चुनाव लडने वाले उम्मीदवार चुनाव से संबंधित खर्चों के लेन-देन हेतु अलग से बैंक में खाता खुलवाएं व इसकी पासबुक की फोटोप्रति नामांकन पत्र जमा करवाते समय रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत करें। प्रत्याशी सभी प्रकार के खर्च की अदायगी इसी खाते में से चेक के माध्यम से की जाए। चुनाव लडने वाले सभी उम्मीदवार अपने चुनाव संबंधी खर्चे के लेखे भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों का अच्छी प्रकार से अध्ययन करके प्रतिदिन तैयार करें। चुनाव खर्च के लेखों का नियमानुसार रखरखाव न करने पर भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। सभी प्रत्याशी अपने खर्च के लेखे के अकाउंट व रजिस्टर खर्च पर्यवेक्षक व अकाउंटिंग टीम से चेक करवाएं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हरियाणा डिफेसमेंट ऑफ प्रोपर्टी एक्ट 1989 व 1996 में स्पष्ट वर्णित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक दल या चुनाव लडने वाले उम्मीदवार किसी की निजी या सरकारी संपत्ति को उनकी स्वीकृति के उपरांत भी अपनी पार्टी के प्रार के लिए पोस्टर, झंडे, बैनर, दिवार लिखाई, होर्डिग आदि लगाकर गंदा नहीं कर सकते हैं। ऐसा किया जाना कानूनन जुर्म है। सभी राजनीतिक दल व प्रत्याशी गांव व शहरी क्षेत्रों में केवल निर्धारित किए गए स्थानों पर ही प्रचार सामग्री लगवाएं जिनकी सूची जल्द ही राजनीतिक दलों को प्रदान कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता की अनुपालना करवाना सुनिश्चित करें। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दल या प्रत्याशी प्रातः 6 से सायं 10 बजे तक एक उचित ध्वनी नियंत्रण के अंतर्गत ही माईक व लाउड स्पीकर का प्रयोग कर सकते हैं।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को वाहन की अनुमति, चुनाव प्रचार के लिए पार्टी कार्यालय खोलने, आपत्तिजनक सामग्री का प्रकाशन एवं छपाई न करवाने, चुनाव के दौरान प्रचार हेतु पेड न्यूज प्रकाशित न करवाना, नामांकन के समय आरओ कार्यालय में वाहनों व व्यक्तियों की उपस्थिति, रैली स्थलों, होर्डिंग लगाने के लिए स्थान निश्चित करने, विभिन्न मदों में दरों की सूची, अपराधों पर रोक लगाने व सी-विजिल एप के प्रयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी दी। मीटिंग में सीटीएम शंभू राठी, निर्वाचन तहसीलदार सरला कौशिक सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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