दिव्यांगों को घर में न रखकर स्कूलों में दिलाएं दाखिला: बीईओ विद्योत्मा

गन्नौर, 05 अगस्त (सक्षम भारत)। खंड शिक्षा अधिकारी विद्योत्मा ने दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों का आह्वान किया कि वे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को घरों में ही न रखें, अपितु उन्हें विद्यालयों में दाखिला दिलायें। दिव्यांगों को कमतर नहीं आंकना चाहिए। उन्हें भी शिक्षा अर्जित करने का अधिकार है, जिससे उन्हें वंचित रखना उचित नहीं है।

खंड शिक्षा अधिकारी विद्योत्मा सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गन्नौर में आयोजित एक दिवसीय अभिभावक एवं अध्यापक जागरूकता शिविर को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। दिव्यांगों को शिक्षा दिलाकर उन्हें प्रमुखधारा में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठाना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्रिंसीपल खेमकरण शर्मा ने बीईओ सहित अन्य अतिथियों व अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि दिव्यांगों को अन्य बच्चों की तुलना में कम नहीं समझना चाहिए। शिक्षकों को ऐसे बच्चों के प्रति विशेष रूप से स्नेहपूर्ण व्यवहार रखना चाहिए। इनकी शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान संसाधन अध्यापिका अनुराधा गौतम ने दिव्यांगों को दी जाने वाली सरकारी सुविधाओं तथा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। संसाधन अध्यापक मो. इमरान ने दिव्यांग अधिनियम-2016 के बारे में जानकारी दी, जिसमें 21 प्रकार की दिव्यांगता को मान्यता दी गई है। इसके अलावा संसाधन अध्यापिका मीना ढि़ल्लो देशवाल ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को होने वाली समस्याओं पर चर्चा करते हुए समाधान सुझाए।

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