आईएमएफ ने इस साल वैश्विक आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाया, 2027 में रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका
बैंकॉक, 13 अक्टूबर (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान थोड़ा बढ़ाया है, लेकिन साथ ही वृद्धि दर सुस्त 3.1 प्रतिशत रहने की आशंका जताई है।
आईएमएफ ने जुलाई में वैश्विक वृद्धि दर तीन प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। वर्ष 2025 में वैश्विक अर्थव्यवस्था 3.5 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ी थी।
आईएमएफ के मंगलवार को जारी आर्थिक परिदृश्य के अनुसार, अमेरिका की आर्थिक वृद्धि 2026 और 2027 में 2.3 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है।
आईएमएफ ने कहा कि उसे इस साल तेल की कीमतों में करीब 41 प्रतिशत वृद्धि के साथ तेल का औसत भाव 96 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इससे वैश्विक महंगाई दर 2026 में बढ़कर 4.7 प्रतिशत हो सकती है, जो पिछले साल 4.1 प्रतिशत थी।
इस रिपोर्ट में कहा गया कि कृत्रिम मेधा (एआई) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास से तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के नुकसान की भरपाई हो रही है।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र के नेता आईएमएफ और विश्व बैंक की शरदकालीन बैठकों के लिए बैंकॉक में जुट रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, एआई क्षेत्र की तेजी का लाभ हालांकि सभी देशों को समान रूप से नहीं मिल रहा है। कंप्यूटर चिप और एआई से जुड़े अन्य उपकरणों के आयात की शुद्ध मांग में अमेरिका और चीन की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से अधिक है।
आईएमएफ की शोध निदेशक सिलवाना टेनरेरो ने बैंकॉक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आर्थिक परिदृश्य में काफी असमानता है।’’
रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक वृद्धि कुछ देशों में अधिक केंद्रित होती जा रही है। अब 32 देश वैश्विक वृद्धि में 95 प्रतिशत योगदान दे रहे हैं, जबकि अप्रैल तक ऐसे देशों की संख्या 54 थी।
इसमें कहा गया, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार केवल धीमी या तेज नहीं हो रही है। बल्कि, युद्ध के कारण आपूर्ति में आए झटकों और एआई से जुड़ी मजबूत मांग के असर के आधार पर विभिन्न देशों के बीच वृद्धि का वितरण बदल रहा है।’’
बैंकॉक में हो रही बैठकों में एआई का रोजगार पर असर भी प्रमुख मुद्दा है। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा कि ‘‘भले ही यह धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली सुनामी है, लेकिन है तो यह सुनामी ही।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि समय के साथ दुनिया भर में करीब 40 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित होंगी। इनमें ऐसी नौकरियां शामिल हैं, जिनमें एआई से काम करने की क्षमता बढ़ेगी जिनका स्तर घटेगा या जो खत्म हो जाएंगी। हम इनमें से कुछ असर पहले ही देख रहे हैं।’’
रिपोर्ट के अनुसार, विकसित अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर इस साल मामूली बढ़कर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2025 में दो प्रतिशत थी। इसके बाद 2027 में इसके धीमी होकर 1.9 प्रतिशत रहने की आशंका है।
आईएमएफ ने अपने अनुमानों में यह माना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल एवं गैस की आपूर्ति मार्च तक फिर शुरू हो जाएगी और एआई से जुड़ी मांग में तेजी कुछ कम हो जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की आर्थिक वृद्धि 2.3 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है।
यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्थाओं में इस साल 1.1 प्रतिशत और 2027 में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के इस साल 4.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो 2025 की पांच प्रतिशत वृद्धि से कम है। यह चीन सरकार के आधिकारिक लक्ष्य के अनुरूप है।
आईएमएफ ने भारत को एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है। भारत की वृद्धि दर इस साल सात प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की 7.7 प्रतिशत की तेज वृद्धि से कम है।
आईएमएफ 191 देशों का एक ऋणदाता संगठन है। इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि एवं वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना तथा वैश्विक गरीबी कम करना है। बैंकॉक में हो रही बैठकों में वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन करेंगे तथा वित्तीय स्थिरता तथा सतत वृद्धि को समर्थन देने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
