नई दिल्ली न्यूज़

पालिका परिषद् अध्यक्ष ने लोधी गार्डन में रूद्राक्ष के पौधे लगाए

नई दिल्ली, 21 अगस्त (ऐजेंसी सक्षम भारत)।

-पालिका परिषद ने लोधी गार्डन झील के पानी को साफ करके उपायोग करने की योजना बनाई

नई दिल्ली क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बरकरार रखने और इसे पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नई दिल्ली नगरपालिका परिषद् ने जलशक्ति-अभियान के अन्र्तगत लोधी गार्डन की झील के पानी को साफ करके उपयोग में लाने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई है। लोधी गार्डन ब्रिटिश समय का ऐसा सार्वजनिक पार्क है जो अब 90 एकड़ में फैला हुआ है, इसका हरियालीमय वातावरण अब नई दिल्ली में रहने वालो को साफ हवा का एक महत्वपूर्ण स्वस्थ श्वसनतंत्र भी प्रदान कर रहा है। यह बात नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष विजय कुमार देव ने लोधी गार्डन में कही, जब वें पालिका परिषद द्वारा लोधी गार्डन की झील के पानी को साफ करके उसे पुनः उपयोग किए जाने की योजना की समीक्षा करने आए थें। इस अवसर पर देव ने लोधी गार्डन और कल्पवृक्ष और रूद्राक्ष के पौधे भी लगाए। लोधी गार्डन की झील के पानी को संरक्षित किए जाने की योजना की समीक्षा करते हुए देव ने संबंधित सभी अधिकारियों को इस योजना को विधिवतरूप से नियत समय में पूरा करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने यहां पर लावारिस कुत्तों के लिए एक अलग से कॉरिडोर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे वें यहां के अन्य जीवजन्तुओं के लिए हानिकारक नहीं हो। पालिका परिषद के उद्यान विभाग द्वारा लोधी गार्डन की बहुत अच्छी प्रकार से देख रेख करने के लिए सराहाना करते हुए कहा कि यह उद्यान दिल्ली के हृदय में बसा हुआ एक बहुत ही सुंदर उद्यान है, जहां पर दिल्ली जैसे राजधानी शहर में होने वाले शहरी तनाव को दूर करने के लिए सुकून से बैठा जा सकता है। इसी लिए यहां रोजाना सुबह और शाम साफ -सुथरी हवा और स्वस्थ वातावरण का आनन्द लेने और घुमने के लिए हजारों लोग आते हैं। उन्होनें यह भी बताया कि दक्षिणी दिल्ली के रोटरी कलब ने यहां के लिए जलशोधन संयंत्र उपलब्ध कराया है। इसके माध्यम से यहां की झील की तलहटी में उगाने वाले काई को भी उपयोगी खाद में परिवर्तित किया जा सकेगा। इसके लिए रोटरी क्लब ने पालिका परिषद के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के माध्यम से लोधी गार्डन की झील के पानी को ही नहीं अपितु झील को भी संरक्षित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकेगें। देव ने बताया कि इस झील के पानी को जैविक प्रक्रिया द्वारा ही प्राकृतिक जैविकों और इनजाइनों के द्वारा साफ किया जाएगा। इससे पानी की वास्तविक प्रकृति और प्रवृति को बिना नुकसान पहुंचाए ऐसे साफ किया जाएगा कि पानी में बदबू नहीं आएगी।

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