पीएम केयर्स को कोविड-19 प्रबंधन पर लंबित मामले में पक्ष बनाने के लिए न्यायालय में अर्जी

नई दिल्ली, 19 मई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। उच्चतम न्यायालय में एक अर्जी दाखिल कर ‘आपात स्थिति में प्रधानमंत्री की नागरिक सहायता और राहत राशि’ (पीएम केयर्स) को कोविड-19 प्रबंधन पर लंबित एक मामले में पक्षकार बनाने का अनुरोध किया गया है। महामारी के दौरान आवश्यक वस्तुओं के वितरण और सेवाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दायर एक मामले में सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने अपने हस्तक्षेप आवेदन में कहा है कि पीएम केयर्स फंड से धन की मौजूदा स्थिति, केंद्र से उसके संबंध, कोविड-19 राहत की दिशा में प्रगति और स्वीकृत परियोजनाओं की स्थिति के बारे में स्थिति स्पष्ट कराई जाए। केंद्र सरकार ने पिछले साल 28 मार्च को पीएम केयर्स की स्थापना की थी। आवेदन में कहा गया है, ‘‘पीएम केयर्स फंड एक गैर-सरकारी हितधारक है जो कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में, वो भी भारत सरकार के माध्यम से आवश्यक चीजों के वितरण और आपूर्ति से संबंधित परियोजनाओं और फैसलों से करीब से जुड़ा रहा है।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘इस वजह से आवेदक का अनुरोध है कि पीएम केयर्स फंड को मौजूदा मामले में एक प्रतिवादी बनाया जाना चाहिए।’’

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