सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की लॉन्चिंग आज, 21 तक कर सकते हैं निवेश

नई दिल्ली, 17 मई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली सीरीज आज लांच होने वाली है। इस गोल्ड बॉन्ड में आज से लेकर 21 मई तक निवेश किया जा सकेगा। आम निवेशक 1 ग्राम से लेकर 4 किलोग्राम तक के गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत सोने की कीमत प्रति ग्राम 4,777 रुपये तय की है। रिजर्व बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग ऑनलाइन आवेदन करके डिजिटल पेमेंट के जरिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदेंगे, उन्हें प्रति ग्राम 50 रुपये का डिस्काउंट भी दिया जाएगा। केंद्र सरकार इस साल कुल 6 सीरीज में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की बिक्री करने वाली है। इसकी पहली सीरीज आज जारी हो रही है, जो 21 तक बिक्री के लिए खुली रहेगी। इसी तरह दूसरी सीरीज 24 मई को जारी होगी और बिक्री के लिए 28 मई तक खुली रहेगी। तीसरी सीरीज 31 मई को शुरू होकर 4 जून तक बिक्री के लिए खुली रहेगी। वहीं चैथी सीरीज 12 जुलाई को जारी की जाएगी। इसे 16 जुलाई तक लिया जा सकेगा। फिर पांचवी सीरीज 9 से लेकर 13 अगस्त के बीच खरीद के लिए उपलब्ध होगी। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की आखिरी सीरीज 30 अगस्त को जारी की जाएगी, जिसे 3 सितंबर तक लिया जा सकेगा। आपको बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक सरकारी बॉन्ड है, इसका मूल्य सोने के वजन के रूप में तय किया जाता है। मतलब बॉन्ड की कीमत सोने की प्रति ग्राम कीमत के हिसाब से तय की जाएगी। बॉन्ड जितने ग्राम सोने की वैल्यू का होगा, उसकी खरीद या बिक्री की दर भी उतने ग्राम सोने के बराबर ही होगी। इन बॉन्ड्स को भारतीय रिजर्व बैंक केंद्र सरकार की ओर से जारी करता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के इश्यू प्राइस (शुरुआती खरीदी मूल्य) पर ढाई फीसदी का फिक्स्ड ब्याज मिलता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की परिपक्वता अवधि 8 साल की है। नियमों के अनुसार मेच्योरिटी पीरियड के बाद इस बॉन्ड से होने वाले लाभ पर कोई टैक्स नहीं लगता है। साथ ही हर 6 महीने में मिलने वाले ब्याज पर भी किसी भी तरह की टैक्सी कटौती नहीं होती है। नियमों के मुताबिक कोई भी निवेशक 1 वित्त वर्ष में 1 ग्राम से लेकर 4 किलो वजन तक की वैल्यू वाले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीद सकता है। इसी तरह किसी ट्रस्ट के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की खरीद की अधिकतम सीमा 20 किलोग्राम है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने वाले निवेशक 5 साल की अवधि पूरा होने के बाद मेच्योरिटी पीरियड के पहले भी अपना पैसा निकाल सकते हैं।

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