हिन्दी अकादमी ने किया दो दिवसीय नाट्य समारोह का आयोजन

नई दिल्ली, 31 जुलाई (सक्षम भारत)।

सुधीन्द्र सरकार उर्फ बादल सरकार ने भारतीय रंगमंच को नई दिशा दी। प्रेक्षागृह से निकाल कर रंगमंच को जन-सामान्य के के लिए सुलभ बनाया। बादल सरकार ने जहॉं कहानी, उपन्यास के माध्यम से रंगमंच को आगे बढ़ाया, वहीं रंगमंच के नए सिद्धान्त बना कर भारतीय रंगमंच को नई दिशा दी। ये विचार हिन्दी अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट ने सुधीन्द्र सरकार की जयन्ती के उपलक्ष्य में आयोजित नाट्य समारोह का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किए। डॉ. जीतराम भट्ट ने बताया कि हिन्दी अकादमी द्वारा श्रीराम सेन्टर, मण्डी हाउस, नई दिल्ली में दो दिवसीय नाट्य समारोह आयोजित किया गया है। जिसमें दिनांक 30 जुलाई को सुधीन्द्र सरकार की जयन्ती पर उनकी नाट्यकृति बल्लभपुर की रूपकथा पर आधारित नाटक और दिनांक 31 जुलाई को प्रेमचन्द की जयन्ती पर उनकी कहानी गोदान पर आधारित नाटक का मंचन किया जा रहा है। बादल सरकार की नाट्यकृति बल्लभपुर की रूपकथा का निर्देशन कैलाश चन्द्र ने किया। इस अवसर पर अकादमी के सदस्य श्रीराम शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।

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