टूर्नामेंट्स के लाइव एरियल शूटिंग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगा बीसीसीआई, केंद्र से मिली इजाजत

मुंबई, 09 फरवरी (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। केंद्र सरकार ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को उसके फ्लैगशिप इवेंट-इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सहित आगामी क्रिकेट सत्र के तहत होने वाले टूर्नामेंट्स की लाइव एरियल सिनेमैटोग्राफी के लिए ड्रोन तैनात करने की सशर्त अनुमति दे दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बीसीसीआई और ड्रोन ऑपरेटर क्विड को साल के अंत तक ड्रोन का उपयोग करने की अनुमति दी है, क्योंकि इसे लाइव एरोट्रॉल फिल्मांकन के लिए रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) का उपयोग करने की अनुमति देने का अनुरोध प्राप्त हुआ है।

ड्रोन द्वारा कवर किए जाने वाला पहला आयोजन इस साल अप्रैल से शुरू होने वाला आईपीएल होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने कहा, ‘ड्रोन इकोसिस्टम हमारे देश में तेजी से विकसित हो रहा है। इसका उपयोग कृषि, खनन, स्वास्थ्य सेवा और आपदा प्रबंधन से लेकर खेल और मनोरंजन तक फैल रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘यह अनुमति देना देश में ड्रोन के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप है।’

दुबे के अनुसार, ड्रोन नियम 2021 कानून मंत्रालय के साथ चर्चा के अंतिम चरण में हैं। हम मार्च 2021 तक अनुमोदन प्राप्त करने की उम्मीद कर रहे हैं।’

मुंबई पुलिस विभिन्न कारणों से ड्रोन को लेकर बेहद सतर्क है, जिसमें एक व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और शहर के बीचों बीच मिनी जुहू हवाई अड्डा, प्लस प्रमुख रक्षा प्रतिष्ठान और शहर में और आसपास के अन्य संवेदनशील स्थान शामिल हैं। सशर्त अनुमति की वैधता केवल 31 दिसंबर, 2021 तक होगी, जो अधिकारियों द्वारा सभी शर्तों और सीमाओं के कड़ाई से पालन के अधीन होगी और कोई भी उल्लंघन इसे रद्द करार दे सकता है।

इसके अलावा, बीसीसीआई को ड्रोन के संचालन से पहले स्थानीय प्रशासन, रक्षा विस्तार, भारतीय वायु सेना और हवाई अड्डा प्राधिकरण से मंजूरी लेनी होगी। क्विडिच केवल निर्दिष्ट क्षेत्र के भीतर अधिकारियों द्वारा निर्दिष्ट आरपीएएस मॉडल को संचालित कर सकता है, और किसी भी प्रकार के परिवर्तनों के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की स्वीकृति की आवश्यकता होगी। बीसीसीआई यह सुनिश्चित करेगा कि केवल प्रशिक्षित और अनुभवी बोनाफाइड कर्मी ही ड्रोन का संचालन करें। आरपीएएस को पूरी तरह काम करने की स्थिति में होना चाहिए, प्रत्येक ड्रोन की उड़ान आदि का रिकॉर्ड बनाए रखना चाहिए। हवाई फोटोग्राफी करने के लिए अन्य अनुमतियां बीसीसीआई द्वारा डीजीसीए और रक्षा मंत्रालय से प्राप्त की जाएंगी और ड्रोन द्वारा कैप्चर किए गए फोटो/ वीडियो का उपयोग केवल बीसीसीआई द्वारा किया जाएगा।

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