आरबीआई की कंसेशनल स्वैप स्कीम का बड़ा असर, जून से देश में आए 20.72 अरब डॉलर, अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती
मुंबई, 21 जुलाई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। वैश्विक वित्तीय बाजारों की उथल-पुथल के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए लाई गई ‘रियायती स्वैप सुविधा’ देश के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 8 जून से 17 जुलाई 2026 के बीच देश में कुल 20.72 अरब अमेरिकी डॉलर का भारी विदेशी पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया है।
इस विशेष योजना में अप्रवासी भारतीयों और विदेशी जमाकर्ताओं ने अहम योगदान दिया है। कुल इनफ्लो में से सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR-B) जमा खातों के जरिए आया है, जिसके माध्यम से बैंकिंग सिस्टम में 17.406 अरब डॉलर की पूंजी जमा हुई है।
भुगतान संतुलन और भविष्य का अनुमान
रुपये पर बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए शुरू की गई इस योजना से भुगतान संतुलन को मजबूती मिल रही है। हालांकि शुरुआती लक्ष्य से गति थोड़ी धीमी है, लेकिन बैंकों को पूरा भरोसा है कि समयसीमा नजदीक आने पर विदेशी निवेश में और तेजी आएगी।
