भारत-कनाडा के बीच 300 अरब डॉलर के व्यापारिक मास्टरप्लान पर लगी मुहर
-आर्थिक संबंधों में नया अध्याय और अमेरिका पर निर्भरता कम करने की रणनीति
ओटावा, 26 मई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। भारत और कनाडा ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देते हुए इस वर्ष के अंत तक ‘व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते’ को अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है। भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओटावा में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस एतिहासिक समझौते पर मुहर लगी। यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार तैयार करेगी।
इस मास्टरप्लान के अंतर्गत ऊर्जा, नागरिक परमाणु आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, एग्री-टेक और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में गहन सहयोग पर सहमति बनी है। कनाडाई नेतृत्व का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ना कनाडा के आर्थिक भविष्य के लिए अनिवार्य है। विशेष रूप से, कनाडा इस समझौते के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था को विविधता प्रदान करते हुए अमेरिका पर अपनी निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस समझौते से भारतीय फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल और आईटी पेशेवरों के लिए कनाडा में नए अवसर खुलेंगे, वहीं कनाडाई निवेशकों को भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश का बड़ा मंच मिलेगा। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में भारी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखने वाले इस ऐतिहासिक कदम से वैश्विक व्यापारिक समीकरण बदलने की संभावना है। व्यापार वार्ता का अगला चरण जुलाई 2026 में आयोजित होगा, जो इस रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गति प्रदान करेगा।
