संयुक्त राष्ट्र ने की भारत के लिए फक्र की बात, जानिए कहां होगा नाम रौशन

नई दिल्लीग, 19 मई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। कारोबारी साल 2023 में भारत की इकोनॉमी 6.4 फीसद की दर से बढ़ेगी। यह अनुमान सामने आने के बाद भारत के लिए संयुक्तन राष्ट्र ने बड़े फक्र की बात कही है। यूएन का कहना है कि भारत दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी होगा। संयुक्ता राष्ट्र् के ग्लो बल इकोनॉमिक मॉनिटरिंग रिसर्च के मुख्यद हामिश रशीद ने कहा कि अगले साल और उसके बाद भी भारतीय इकोनॉमी की ग्रोथ की रफ्तार कायम रहेगी।

उन्होंरने यह अनुमान वर्ल्ड इकोनोमिक सिचुएशन एंड प्रोस्पेक्टस (डब्लूईएसपी) की रिपोर्ट जारी करते हुए जताया है। उनके मुताबिक वैश्विक विकास दर 3.1 फीसद बने रहने का अनुमान है। भारत का जीडीपी, जो इकोनॉमी की सेहत को दर्शाता है, अगले वित्त् वर्ष में 6 फीसद तक जा सकता है। डब्लूईएसपी के मुताबिक बीते वित्ता वर्ष में भारतीय अर्थव्यावस्थाक 8.8 फीसद की दर से बढ़ी। हालांकि अनुमान 9 फीसद का आया था। रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई की मार और लेबर मार्केट में स्लोथ रिकवरी के कारण 2022-23 में ग्रोथ का अनुमान नीचे रखा गया है। लेबर ग्रोथ रिकवरी धीमी होने के कारण निवेश पर भी असर पड़ेगा। यूक्रेन और रूस के बीच लड़ाई के कारण मौजूदा वित्तन वर्ष में ग्रोथ का अनुमान जनवरी के आंकड़े से 0.3 फीसद घटाया गया है।

इकोनॉमिक पॉलिसी एंड एनालिसिस के निदेशक शांतनु मुखर्जी ने कहा कि कोविड महामारी के बाद रूस और यूक्रेन की लड़ाई ने वैश्विक आर्थिक विकास दर की रफ्तार घटा दी है। जनवरी में परिस्थिति कुछ बेहतर लग रही थी लेकिन लड़ाई शुरू होने के बाद हालात खराब होते जा रहे हैं। उस समय वैश्विक विकास दर 4 फीसद रहने का अनुमान था। अभी जो हालात उपजे हैं, उससे अमेरिका, यूरोपीय यूनियन, चीन और दूसरे विकासशील देश प्रभावित होंगे। चीन दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यंवस्थान है। उसकी ग्रोथ का अनुमान इस साल 4.5 फीसद रहेगा और अगले वित्ते वर्ष में 5.2 फीसद। अमेरिका को लेकर अनुमान है कि यह 2.6 फीसद की रफ्तार से बढ़ेगा। अगले साल यह गिरकर 1.8 फीसद पर आ जाएगा।

 

 

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