दिल्ली जेल में बंद पर्ल ग्रुप के चेयरमैन का निधन

नई दिल्ली, 04 जनवरी (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। राष्ट्रीय राजधानी की रोहिणी जेल में बंद 60,000 करोड़ रुपये के पर्ल समूह घोटाला मामले के एक आरोपी कंवलजीत सिंह तूर का निधन हो गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए महानिदेशक (कारागार) संदीप गोयल ने बताया कि 62 वर्षीय विचाराधीन कैदी तूर को 01 जनवरी को लो ब्लड प्रेशर की शिकायत के बाद शहर के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया था। गोयल ने कहा, अगले दिन रविवार, 2 जनवरी को तूर का अस्पताल में निधन हो गया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 23 दिसंबर को पर्ल्स ग्रुप घोटाला मामले में तूर समेत 11 लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही थी। सीबीआई के एक अधिकारी ने तब कहा था, चंदर भूषण ढिल्लों, प्रेम सेठ, मनमोहन कमल महाजन, मोहनलाल सहजपाल, कंवलजीत सिंह तूर पर्ल्स ग्रुप के कर्मचारी हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके अलावा हमने दिल्ली, चंडीगढ़ और कोलकाता के व्यवसायी प्रवीण कुमार अग्रवाल, मन्नोज कुमार जैन, आकाश अग्रवाल, अनिल कुमार खेमका, सुभाष अग्रवाल और राजेश को गिरफ्तार किया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक प्रारंभिक जांच दर्ज की थी, जिसने कथित तौर पर बिना किसी वैधानिक मंजूरी के, विभिन्न निवेश योजनाओं को अवैध रूप से संचालित करके पूरे देश में लगभग पांच करोड़ निवेशकों से लगभग 60,000 करोड़ रुपय उन्हें धोखा देने के इरादे से एकत्र किए थे।। आरोपियों ने निवेशकों को लुभाने के लिए जमीन की गारंटी दी थी। लोगों से कहा गया कि अगर वे निवेश करेंगे तो उन्हें 12.5 फीसदी का ब्याज मिलेगा। उन्हें उनके निवेश पर मुफ्त दुर्घटना बीमा और आयकर मुक्त परिपक्वता की पेशकश की गई थी। आरोपियों ने निवेशकों से यह भी वादा किया था कि वे जो जमीन खरीद रहे हैं उसका मूल्य तेजी से बढ़ेगा।

बाद में जांच के आधार पर पर्ल्स ग्रुप की इन दो प्रमुख कंपनियों- पीजीएफ लिमिटेड, पीएसीएल लिमिटेड के निर्मल सिंह भंगू और अन्य निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य और गुरमीत सिंह को जनवरी 2016 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में अप्रैल 2016 में सीबीआई ने उनके खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया। सीबीआई ने देश भर में मौजूदा बाजार भाव में 1.85 लाख करोड़ रुपये की निर्मल सिंह भंगू की संपत्तियों की पहचान की थी। आरोपी ने ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों में भी निवेश किया था। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली पर्ल ग्रुप के ब्रांड एंबेसडर थे और आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब को भी पर्ल ग्रुप द्वारा प्रायोजित किया गया था।

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