शिवसेना ने राज्यपाल कोश्यारी को केंद्रीय गृह मंत्रालय का ‘राजनीतिक एजेंट’ बताया

मुंबई, 18 अगस्त (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। शिवसेना ने राज्य सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल के कोटे से 12 लोगों को विधान पार्षद के सदस्य के तौर पर नामांकन में देरी के मद्देनजर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय का ‘‘राजनीतिक एजेंट” करार दिया।

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया कि राज्य सरकार ने करीब आठ महीने पहले 12 लोगों के नाम भेजे थे।

पार्टी ने तंज कसती हुए टिप्पणियों में कहा, “राज भवन में दाई को शक दूर करना चाहिए कि उसे प्रसव कराने (संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर करने) में कितना समय लगेगा।”

संपादकीय में आरोप लगाया गया कि हर कोई खुश था जब कोश्यारी 80 साल की उम्र में सिंहगढ़ किले (पुणे में) पर चढ़ गए थे लेकिन वह “लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक किले को धराशायी करने” की कोशिश कर रहे हैं।

इसने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने पहले ही बताया है कि राज्य के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को कई बार याद दिलाया है लेकिन “वह (कोश्यारी) शायद अपनी बढ़ती उम्र के कारण भूल गए होंगे।”

शिवसेना ने आरोप लगाया, “राज्यपाल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राजनीतिक एजेंट हैं, यह हमारे लिए सबसे आसान परिभाषा है। उनकी मंशा साफ नहीं है क्योंकि वह अपने कोटा से एमएलसी के तौर पर 12 नामों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। वह फाइल पर हस्ताक्षर न करने के लिए साफ तौर पर ‘ऊपर’ से दबाव में हैं।”

मराठी दैनिक ने यह भी कहा कि यह राज्य मंत्रिमंडल द्वारा प्रस्तावों पर हस्ताक्षर करना राज्यपाल का “संवैधानिक कर्तव्य” है।

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