दूरदर्शी योगी के टी-3 मॉडल से कोरोना पर नियंत्रण

-प्रोफेसर विवेक सिंह-

-: ऐजेंसी सक्षम भारत :-

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। आज जब पूरा विश्व कोरोना से त्राहि-त्राहि कर रहा है, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरगामी सोच के चलते कोरोना से निपटने में उत्तर प्रदेश की स्थिति और राज्यों की तुलना में बेहतर है। 24 करोड़ से अधिक की जनसंख्या वाले भारत के सबसे बड़े राज्य, उत्तर प्रदेश में आज कुल संक्रमित लोगों की संख्या 17.03 लाख है जबकि जनसंख्या की दृष्टि से काफी छोटे राज्य महाराष्ट्र में 59.35 लाख, कर्नाटक में 27.84 लाख, केरल में 27.62 लाख और तमिलनाडु में 23.89 लाख है। अगर एक्टिव मामलों की बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में महज 7221 एक्टिव मामले हैं। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टी-3 मॉडल अपनाया जिसमें ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर सर्वोच्च ध्यान दिया जाता है। कुछ हफ्तों में असर इतना व्यापक हुआ कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हो गई। तेज गति से टीकाकरण के महत्व को समझते हुए हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जून महीने में 1 करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसे आगे बढ़ाकर 3 महीने में 10 करोड़ किया जाएगा। वैक्सीनेशन के मामले में उत्तर प्रदेश भारत में दूसरे स्थान पर है। उत्तर प्रदेश में एक दिन में 4.5 लाख के आसपास टीके लगाए जा रहे हैं जिसको 6 लाख प्रतिदिन बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। उत्तर प्रदेश में अभी तक 2.35 करोड़ टीके सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। टेस्टिंग की स्पीड भी उत्तर प्रदेश में ठीक है। इसके अच्छे परिणाम भी मिल रहे हैं। ट्रेसिंग के मामले में भी उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। अभी तक 17.5 करोड़ से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया जा चुका है। कोरोना के नमूनो की जांच में भी उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है। एक दिन में 3 – 3.5 लाख नमूनों की जांच उत्तर प्रदेश में की जा रही है जो कि देश में एक कीर्तिमान है। आज तक 5.4 करोड़ नमूनों की जांच उत्तर प्रदेश में की गई है। उत्तर प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट 98.3 प्रतिशत है।

 

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