पीएम मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज, जदयू को मिल सकते हैं दो पद, यूपी-महाराष्ट्र का बढ़ेगा प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली, 16 जून (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। नरेंद्र मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार अब यह स्पष्ट हो चुका है कि जनता दल (यूनाइटेड) को मंत्रिमंडल के विस्तार में दो पद मिल सकते हैं। वाईएसआर कांग्रेस मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है और उसे लोकसभा उपाध्यक्ष पद की पेशकश की गई है।

वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है, जहां से वर्तमान में तीन कैबिनेट मंत्रियों समेत कुल 8 मंत्री शामिल हैं। विस्तारित मंत्रिमंडल में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम को भी ज्यादा सीटें मिल सकती हैं।

पीएम मोदी ने पूरी की 20 मंत्रियों की समीक्षा

वहीं, अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कम से कम 20 कैबिनेट मंत्रियों एवं स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे राज्यमंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की लंबी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

इस प्रक्रिया के दौरान जिन मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई उनमें राजनाथ सिंह (रक्षा), अमित शाह (गृह), नितिन गडकरी (सड़क परिवहन) एवं अन्य शामिल हैं। हालांकि, विदेश मंत्री एस जयशंकर, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक एवं कुछ अन्य मंत्रियों के प्रदर्शन की अलग-अलग कारणों से अब तक समीक्षा नहीं हो पाई है।

इस पूरी प्रक्रिया को मंत्रिमंडल के एक बड़े मध्यावधि विस्तार एवं फेरबदल की शुरुआक के रूप में देखा जा रहा है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी आगामी कुछ सप्ताह में पूरा करना चाहते हैं। पीएमओ के सूत्रों के अनुसार वर्ष 2016 में भी इसी तरह की प्रक्रिया के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल किया गया था।

प्रदर्शन की समीक्षा के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार

वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री समेत 55 मंत्री हैं। ऐसे में टीम में 23 और मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। माना जाता है कि प्रदर्शन की यह समीक्षा मंत्रिपरिषद में बने रहने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रत्येक कैबिनेट मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री को उन्हें सौंपे गए कार्यों को पूरा करने के लिए एक लिखित रोडमैप दिया गया है।

प्रदर्शन में खामी पाए जाने पर कोई राजनीतिक जोड़तोड़ काम नहीं आता। दिलचस्प रूप से इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी सरकार के कुछ महत्वपूर्ण मसलों पर राय देने के लिए आमंत्रित किया गया था।

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