गोवा पुलिस ने न्यायालय से कहाः तरूण तेजपाल को यौन हिंसा मामले में मुकदमे का सामना करना चाहिए

नई दिल्ली, 06 अगस्त (सक्षम भारत)। गोवा पुलिस ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में कहा कि ‘तहलका’ पत्रिका के संस्थापक तरूण तेजपाल को अपनी पूर्व महिला सहयोगी से यौन हिंसा के मामले में दर्ज मुकदमे का सामना करना चाहिए। गोवा पुलिस ने इस संबंध में कुछ व्हाट्सऐप और ईमेल संदेशों का जिक्र करते हुये कहा कि इनसे पता चलता है कि तेजपाल को मुकदमे का सामना करना चाहिए। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति बी आर गवई की तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष गोवा पुलिस की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने तरूण तेजपाल के खिलाफ निर्धारित अभियोग निरस्त करने के लिये दायर याचिका का विरोध किया और कहा कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिये ‘पर्याप्त सामग्री’ है। तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने गोवा पुलिस के आरोपों का प्रतिवाद किया और पीठ से कहा कि चुनिन्दा व्हाट्सऐप संदेश छिपा लिये गये थे और उन्होंने उस होटल के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया जहां कथित घटना हुयी थी। उन्होंने इस मामले में निर्धारित अभियोग निरस्त करने की अपनी दलीलों के समर्थन में शीर्ष अदालत के कुछ फैसलों का हवाला दिया। इस पर पीठ ने कहा, ‘‘हमें मामले विशेष के तथ्यों को देखना है। फौजदारी कानून तो मामले के तथ्यों पर निर्भर करता है।’’ पीठ ने सिंह से यह सवाल भी किया कि इस कथित घटना के बाद तेजपाल ने इस महिला को माफी मांगने के संदेश क्यों भेजे। सालिसीटर जनरल ने शीर्ष अदालत के पहले के फैसलों का जिक्र करते हुये कहा कि आपराधिक मामले में पुख्ता संदेह होना भी अभियोग निर्धारित करने के लिये पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला का बयान ही नहीं बल्कि व्हाट्सऐप संदेश और ईमेल से पता चलता है कि यह ऐसा मामला है जिसमें आरोपी को मुकदमे का सामना करना ही चाहिए। पीठ ने संबंधित पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद तेजपाल की याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली। अभियोग निरस्त करने के लिये दायर याचिका पर न्यायालय अपना आदेश बाद में देगा। तरूण तेजपाल पर आरोप है कि उन्होंने 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल की लिफ्ट के अंदर अपनी पूर्व महिला सहयोगी के साथ यौन हिंसा की। हालांकि, तेजपाल ने सभी आरोपों से इंकार किया था। गोवा पुलिस की अपराध शाखा ने तेजपाल को 30 नवंबर, 2013 को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें मई, 2014 में जमानत मिल गयी थी।

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