जय केदार: 51 क्विंटल फूलों से महका बाबा का दरबार, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले केदारनाथ धाम के कपाट
-सीएम धामी ने प्रधानमंत्री के नाम से की पहली पूजा
केदारनाथ, 22 अप्रैल (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। हिमालय की गोद में स्थित विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं धाम में मौजूद रहे। मंदिर को 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर महक उठा है। कपाट खुलने के साथ ही ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के उद्घोष से पूरी केदार घाटी गुंजायमान हो गई। करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आज पहले दिन बाबा के दर्शन किए और वातावरण पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में डूबा नजर आया।
बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से भगवान केदारनाथ की पहली विशेष पूजा संपन्न की। सुबह 5 बजे से ही रावल भीमाशंकर लिंग और पुजारियों द्वारा पूजा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ में हल्की बर्फबारी और सर्द मौसम के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। दानदाताओं के सहयोग से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।
इस वर्ष यात्रा के लिए मंदिर समिति ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मंदिर के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन का उपयोग, फोटोग्राफी और रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, धाम की मर्यादा बनाए रखने के लिए गैर-सनातनियों का प्रवेश वर्जित किया गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पांडवों ने गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति के लिए यहाँ भगवान शिव की स्थापना की थी। छह माह के शीतकालीन प्रवास के बाद अब बाबा केदार अगले छह माह तक यहीं भक्तों को दर्शन देंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि की कामना की।
