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संसदीय समिति ने कलाकार पेंशन योजना की राशि 10 वर्ष तक नहीं बढ़ाये जाने पर चिंता व्यक्त की

नई दिल्ली, 18 मार्च (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। संसद की एक समिति ने 10 वर्ष तक कलाकार पेंशन योजना के तहत पेंशन राशि नहीं बढ़ाये जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि महंगाई के साथ इस योजना को जोड़ते हुए राशि निर्धारित किये जाने की आवश्यकता है ताकि लाभार्थी वृद्धवास्था में स्वयं का ध्यान रख सकें।

संसद के दोनों सदनों में पेश संस्कृति मंत्रालय की वर्ष 2021-22 की अनुदान की मांगों से संबंधी रिपोर्ट में कहा गया कि समिति कलाकार पेंशन योजना के तहत वित्त वर्ष 2018-19 की तुलना में 2019-20 और वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान लाभार्थियों की संख्या में बड़ी गिरावट से चिंतित है और लाभार्थियों की संख्या में कमी के कारणों को समझने में विफल है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 4120 थी और इस दौरान 19.73 करोड़ रूपये व्यय हुए। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019-20 के दौरान लाभार्थियों की संख्या 3188 थी और व्यय 18.17 करोड़ रूपये रहा जबकि 2020-21 में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 1594 थी और व्यय 6.95 करोड़ रूपये रहा।

समिति ने कहा कि इस योजना के तहत पेंशन की राशि कलाकारों के निर्वाह के लिये महत्वपूर्ण है तथा महामारी के समय तो यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

समिति ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण इस योजना के तहत आवेदकों से जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में प्राप्त करने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति यह जानकर दुखी है कि मंत्रालय ने 10 वषार्क तक कलाकार पेंशन योजना के तहत राशि बढ़ाने की आवश्यकता महसूस नहीं की।

संसदीय समिति ने अपनी सिफारिश में कहा कि महंगाई के साथ कलाकार पेंशन योजना की राशि को जोड़ने की जरूरत है ताकि योजना के तहत लाभार्थी वृद्धवास्था में स्वयं का ध्यान रख सकें।

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