दिल्ली में टीकाकरण मुहिम का दूसरा दिन

नई दिल्ली, 18 जनवरी (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण मुहिम में शामिल दलों ने सोमवार को मुहिम के दूसरे दिन राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सा कर्मियों को टीका लगाना शुरू किया। टीकाकरण मुहिम के पहले दिन शनिवार को 4,300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि पूर्वाह्न 10 बजे राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में टीका लगाना शुरू किया गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलएनजेपी अस्पताल से शनिवार को टीकाकरण मुहिम की दिल्ली में औपचारिक शुरुआत की थी। दिल्ली के 81 स्थानों पर टीके लगाए गए थे। इन स्थानों में केंद्र सरकार द्वारा संचालित एम्स, सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल, कलावती सरन बाल चिकित्सालय तथा ईएसआई के दो अस्पताल भी शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल, डीडीयू अस्पताल, बीएसए अस्पताल, दिल्ली राजकीय कैंसर संस्थान, आईएलबीएस अस्पताल इत्यादि में भी टीकाकरण केंद्र बनाए गए। टीकाकरण अभियान में मैक्स, फोर्टिस, अपोलो, और सर गंगाराम अस्पताल इत्यादि निजी अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने रविवार को बताया कि दिल्ली में शनिवार को कोविड-19 टीकाकरण के पहले दिन कुल 4,319 स्वास्थ्य कर्मियों ने टीका लगवाया, जो टीकाकरण के लिए पंजीकरण कराने वाले कर्मियों का 53.3 प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस टीकाकरण के लिए कुछ लोग आखिरी समय में नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार किसी को अनिवार्य रूप से टीका लगवाने के लिए नहीं कह सकती। जैन ने कहा कि पूरे देश में इसी तरह की स्थिति रही और पहले दिन पंजीकरण कराने वालों में से केवल करीब 50 प्रतिशत लोगों ने टीका लगवाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में टीकाकरण केंद्रों की संख्या 81 से बढ़ाकर जल्द ही 175 की जाएगी। टीका सप्ताह के चार दिन-सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को लगाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में टीकाकरण मुहिम की शुरुआत किए जाने के बाद से 18 जनवरी सप्ताह का पहला कामकाजी दिन है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 टीकाकरण अभियान के पहले दिन शनिवार को दिल्ली में जिन स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वायरस का टीका लगाया गया, उनमें से एईएफआई (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव) का एक ‘गंभीर’ और 51 ‘मामूली’ मामले सामने आए। केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार को केंद्र से अब तक टीकों की 2.74 लाख खुराक मिल चुकी हैं, जो 1.2 लाख स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त होंगी।

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