भारत के ख़िलाफ़ श्रीलंका ने तोड़ा लगातार 12 मैचों में हार का सिलसिला

दाम्बुला, 28 जून (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। कप्तान चमीरा अटापट्टू (80) के शानदार अर्धशतक की बदौलत श्रीलंका ने भारत को तीसरे टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में सात विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने 137 रनों का लक्ष्य रखा। इसके जबाव में अटापट्टू ने 48 गेंदों में 80 रनों की पारी खेली और टीम की जीत में एक अहम भूमिका निभाई। इस मैच से पहले श्रीलंका की टीम भारत से लगातार 12 टी20 मैच हारी थी लेकिन इस बार श्रीलंका ने इस हार के सिलसिले तोड़ते हुए सीरीज़ के आख़िरी मैच को जीत लिया। हालांकि भारत ने 2-1 से सीरीज अपने नाम की।
हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी करने का फै़सला किया था, जो उनके पक्ष में नहीं गया। श्रीलंकाई गेंदबाज़ों ने शुरुआत से काफ़ी सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाज़ी की, जिसके कारण भारतीय टीम के बल्लेबाज़ खुल कर रन बनाने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने जब भी थोड़ा रिस्क लेने का प्रयास किया उनका विकेट गिर गया। जेमिमाह रॉड्रिग्स और हरमनप्रीत कौर ने एक बढ़िया साझेदारी ज़रूर किया था लेकिन वह भी टीम के स्कोर को 140 के पार लेकर नहीं जा सके।
श्रीलंका की तरफ़ से गेंदबाज़ी की शुरुआत सुगंधिका कुमारी ने किया। पहली चार गेंद उनकी फ़ुलटॉस थी। इससे वापसी करते हुए उन्होंने ओवर की आख़िरी गेंद पर शेफ़ाली वर्मा को कवर पर कैच आउट करा दिया। शेफ़ाली फुलर लेंथ की गेंद को ड्राइव करना चाहती थीं। इसके बाद स्मृति मंधाना और एस मेघना के बीच 41 रनों की साझेदारी ज़रूर हुई लेकिन इसके लिए उन्होंने 40 गेंदें खेली। इसके बाद जब ननधाना ने रन गति को तेज़ करना चाहा तो वह लांग ऑफ़ पर कैच आउट हो गईं। उसके अगले ही ओवर में मेघना भी रनावीरा की गेंद पर आउट हो गईं।
10 ओवर के बाद भारत का स्कोर तीन विकेट के नुक़सान पर 55 रन था।मेघना और स्मृति का विकेट गिरने के बाद हरमन और जेमिमाह ने भारत की पारी संभालने का प्रयास किया। वह पिच पर टिकने में तो सफल रहीं लेकिन भारत की रन गति को ऊपर लेकर जाने में वह भी विफल रहीं। इन दोनों बल्लेबाज़ों के बीच 64 रनों की साझेदारी हुई। 18वें ओवर में जेमिमाह का विकेट गिरा। उन्होंने 30 गेंदों में 33 रनों की पारी खेली। अंतिम दो ओवर में 23 रन बटोर कर भारत ने 136 का स्कोर खड़ा किया।
रेणुका ने पहले ओवर की आख़िरी गेंद पर श्रीलंका की विश्मी गुणारत्ना को कैच आउट करा दिया। इसके बाद दूसरे और तीसरे ओवर में भले ही सिर्फ़ पांच रन आए हों लेकिन श्रीलंकाई टीम आज तय कर के आई थी कि चाहे जितनी भी विकेट गिरे हम आक्रामक मानसिकता के साथ अपने खेल को आगे बढ़ाएंगे।
आक्रमण का प्रभार कप्तान अटापट्टू ने खु़द लिया और भारतीय गेंदबाज़ों पर लगातार प्रहार करती रहीं। चौथे और पांचवें ओवर में कुल 26 रन आए और एक विकेट गिरा। पावरप्ले की समाप्ति पर श्रीलंका ने दो विकेट के नुक़सान पर 47 रन जोड़ लिए थे। अटापट्टू और डिसिल्वा के बीच 57 गेंदों में 77 रनों की साझेदारी हुई और यहीं भारत से मैच फिसल गया। इस दौरान भारतीय टीम ने कई कैच टपकाए और फ़ील्डिंग के दौरान कई अतिरिक्त रन भी दिए, जिसके कारण श्रीलंकाई टीम लगातार खुल कर रन बनाते रही और लक्ष्य तक पहुंच गई।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *