भारत, आसियान वस्तुओं के मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा को राजी

नई दिल्ली, 10 सितंबर (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। भारत और 10 सदस्यीय दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों का संगठन आसियान मुक्त व्यापार समझौते की समीक्षा को लेकर राजी हो गये हैं। इस समझौते पर 2009 में हस्ताक्षर किये गये थे। समीक्षा का मकसद समझौते को कारोबारियों के अधिक अनुकूल तथा आर्थिक रिश्तों को और मजबूत बनाना है। बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने इसके लिये संयुक्त समिति गठित करने का भी फैसला किया है। आसियान के आर्थिक मामलों के मंत्रियों और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को बैंकाक में बैठक के दौरान इस पर सहमति जतायी। दोनों पक्षों की यह बैठक 16वें एईएम-भारत (आसियान-भारत आर्थिक मंत्री) विचार विमर्श के लिये हुई। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान के अनुसार, ‘‘मंत्रियों ने आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते को और अनुकूल, सरल तथा कंपनियों के लिये सुविधाजनक बनाने को लेकर उसकी समीक्षा करने पर सहमति जतायी।’’मंत्रियों ने समीक्षा के ब्योरे पर काम करने की जिम्मेदारी अधिकारियों को दी और उनसे अगली मंत्री सतरीय बैठक में रिपोर्ट देने को कहा। बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार समझौते के जरिये द्विपक्षीय व्यापार और बढ़ाने तथा वित्तीय प्रौद्योगिकी, संपर्क, स्टार्टअप और नवप्रवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर आसियान-भारत व्यापार परिषद की सिफारिशों पर गौर किया।भारत-आसियान के बीच वस्तु व्यापार समझौता जनवरी 2010 में अमल में आया।आसियान के 10 सदस्य देश ब्रुनेई, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यांमा, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलिपीन, लाओस और वियतनाम हैं। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2018 में बढ़कर 80.8 अरब डॉलर पहुंच गया जो 2017 में 73.6 अरब डॉलर था।

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