निवेशकों के दबाव में सीजी पावर के सीईओ नीलकंठ ने अनुषंगी कंपनियों से इस्तीफा दिया

नई दिल्ली, 10 सितंबर (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। धोखाधड़ी में घिरी सीजी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के एन नीलकंठ ने कंपनी की सभी अनुषंगियों से इस्तीफा दे दिया है। नीलकंठ के कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं के लिए निवेशक लगातार उनको पद से हटाने के लिए दबाव बना रहे थे। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नीलकंठ ने अनुषंगी इकाइयों से अपने इस्तीफे की पुष्टि की। हालांकि, नीलकंठ ने यह भी कहा है कि उनका मानना है कि निवेशक और ऋणदाता कंपनी के सर्वश्रेष्ठ हित में सीजी पावर से उनकी विदाई नहीं चाहते हैं। पिछले महीने सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने कंपनी में करोड़ों रुपये का वित्तीय घोटाला सामने आने के बाद अपने संस्थापक गौतम थापर को चेयरमैन पद से हटा दिया था। सूत्रों ने कहा कि निवेशक और ऋणदाता कंपनी में ‘साफसफाई’ चाहते हैं, इसलिए उन्होंने थापर को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया। सीजी पावर के संचालन के लिए वे नया प्रबंधन चाहते हैं। इसलिए उनका मानना है कि नीलकंठ को भी पद छोड़ देना चाहिए। कंपनी के निदेशक मंडल ने कुछ संदिग्ध, अनधिकृत और बिना घोषणा वाले लेनदेन की जांच लंबित रहने तक 10 मई को छुट्टी पर भेज दिया था। जांच में यह सामने आया कि कुछ संपत्तियों को ‘गिरवी’ रखा गया और कर्ज के पैसे की कंपनी के कुछ ज्ञात लोगों ने हेराफेरी की। इनमें कंपनी के मौजूदा और पहले के अधिकारी तथा कुछ गैर कार्यकारी निदेशक भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि कुछ अनुषंगियों के जरिये पैसे की हेराफेरी की गयी। इन अनुषंगियों से नीलकंठ ने अब इस्तीफा दिया है। इस बारे में पूछे जाने पर नीलकंठ ने कहा कि विश्लेषकों के साथ हुई विभिन्न कांफ्रेस कॉल से यह लगता है कि कुछ महत्वपूर्ण निवेशक सीजी पावर के भविष्य के कारोबार को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रबंध निदेशक एवं सीईओ रहते कंपनी का कारोबार पूरे बाजार की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि बजाय मेरी विदाई चाहने के निवेशक लगातार यह पूछताछ कर रहे हैं कि मैं परिचालन में कब लौटूंगा। ‘‘इसी आधार पर मेरा मानना है कि कंपनी के सर्वश्रेष्ठ हित में निवेशक और ऋणदाता यह नहीं चाहते कि मैं इस्तीफा दूं। उन्होंने बताया कि कंपनी की परिचालन समिति ने मार्च-अप्रैल 2019 में स्वतंत्र जांच बिठाई थी। वह भी इस समिति में हैं। नीलकंठ ने कहा कि इसके बाद 10 मई, 2019 को हुई बोर्ड की बैठक में यह सुझाव आया कि उचित होगा कि जांच पूरी होने तक मैं प्रबंध निदेशक एवं सीईओ के कामकाज से खुद को अलग कर लूं। नीलकंठ ने कहा, ‘‘मैंने इस सुझाव को स्वीकार किया था।’’ उन्होंने कहा कि अनुषंगी कंपनियां भी परिचालन का हिस्सा हैं और ऐसे में इसी विचार के साथ मैंने सीजी की सभी अनुषंगियों के बोर्ड से इस्तीफा दिया है।

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