चुनाव, उद्घाटन, शिलान्यास और नरेन्द्र मोदी

-डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी-

-: ऐजेंसी सक्षम भारत :-

जिन पांच राज्यों में चुनाव नजदीक हैं उनमें मणिपुर भी एक प्रमुख राज्य है। प्रधानमंत्री 4 जनवरी को मणिपुर और त्रिपुरा की यात्रा पर भी जाएंगे और वहां 4800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न 22 प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे या उद्घाटन कराई करेंगे। इन तमाम उद्घाटन और शिलान्यासों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध है।

संभवतः 5 जनवरी को या उसके बाद भारत के पांच प्रमुख राज्यों के विधानसभा के चुनाव घोषित हो जाएंगे यह राज्य हैं- उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तरांचल, गोवा और मणिपुर। 2022 के आखिरी दिनों में हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा के चुनाव का समय भी आ जाएगा। चुनाव आयोग इन सब राज्यों में चुनाव के लिए तैयारी कर रहा है। पांचों राज्यों में मतदाता सूचियों के प्रकाशन का निर्देश भी दे दिया गया है।

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने यह आदेश दिया है कि जो मैदानी अधिकारी लंबे समय से इन राज्यों में एक ही जगह पर तैनात हैं, उन्हें भी बदला जाए। अनुमान है कि इन राज्यों के चुनाव के लिए मतगणना का कार्य 7 या 8 चरणों में पूरा किया जा सकेगा सभी राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए सभी प्रमुख दलों ने अपनी अपनी तरफ से पूरी तैयारियां कर रखी है।

सबसे ज्यादा निगाहें उत्तर प्रदेश की ओर टिकी हुई है जो देश का सबसे बड़ा राज्य है और यह माना जाता है कि दिल्ली का रास्ता लखनऊ होकर ही जाता है यानी जिस पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश में होती है, केन्द्र में सरकार उसी की होती है।

हाल ही के ओपिनियन पोल के अनुसार, 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 70 से ज्यादा सीटों का नुकसान होने का अनुमान है। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि सबसे बुरी हालत बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस की होगी। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस 2017 के चुनाव नतीजों को ही रिपीट करेगी। हालांकि कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी पार्टी को ताकतवर बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ ताल ठोकने वाली कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी से कई लोग चमत्कार की उम्मीद लगाए हुए हैं। प्रियंका गांधी ने महिला शक्ति को आगे लाने के लिए लगातार प्रयास किया है। अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी को 135 सीटें मिल सकती हैं।

वैसे तो उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी पकड़ बनाने के लिए सभी प्रमुख पार्टियां जोर आजमा रही हैं लेकिन भारतीय जनता पार्टी की तरफ से योगी आदित्यनाथ और खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सारी तैयारियां कर ली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के सभी इलाकों में अपनी किलेबंदी करना शुरू कर दिया है। उनके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और स्मृति ईरानी भी मैदान में हैं। यह लोग उत्तर प्रदेश में मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

बीते अक्टूबर और नवंबर के महीने में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में करीब 68000 करोड़ की सौगात देने का ऐलान किया था। उत्तर प्रदेश के अनेक इलाकों में शिलान्यास और उद्घाटन किए गए। अक्टूबर में कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन हुआ उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में ड्रीम प्रोजेक्ट खाद कारखाना, एम्स और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर का लोकार्पण भी किया था। गोरखपुर में 8603 करोड़ रुपये की लागत से उर्वरक संयंत्र भी स्थापित करने की बात कही गई। इस परियोजना में किसानों के जीवन में समृद्धि होगी और यह भी कहा गया कि इससे 20000 युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के अरवल खीरी में 341 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया था।

पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की आधारशिला जुलाई 2018 में रखी गई थी। प्रधानमंत्री के हाथों 9 मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण कराने की व्यवस्था थी फोरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना भी की जानी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट गंगा एक्सप्रेस वे के शिलान्यास कराए जा चुके हैं। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस वे के भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से चल रहा है। चुनाव के पहले इस एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य संपन्न होने की संभावना है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कानपुर मेट्रो रेल परियोजना का उद्घाटन कर चुके हैं। बीना पनकी मल्टी प्रोडक्ट पाइप लाइन परियोजना का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री कर चुके हैं। वे कहते हैं कि डबल इंजन की सरकार होने से विकास के कार्य को बड़ी गति मिलेगी। बीना पनकी मल्टीप्रोडक्ट पाइप लाइन परियोजना को मध्यप्रदेश तक बढ़ाने की बात भी कही जा रही है। अभी उस पर योजना का उद्घाटन व शिलान्यास नहीं किया गया है क्योंकि मध्य प्रदेश में चुनाव 2023 में। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हर बार यही दोहराते रहे हैं कि जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया है।

उत्तर प्रदेश में सत्ता में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वांचल को केन्द्र बना रखा है। पूर्वांचल में अपना आधार मजबूत बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 5 साल पहले ही प्रयास शुरू कर दिए थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट हलचल हर घर जल योजना ऐसी तमाम योजनाएं प्रधानमंत्री जनता के नाम समर्पित कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही 2016 में खाद कारखाने का शिलान्यास किया था जो पूरा बन गया। उसका उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देसी किया।

2017 में विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी महज 5 घंटे में लोकार्पण और शिलान्यास का रिकॉर्ड तोड़ा था जब उन्होंने 60 हजार करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया था।

अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और लखनऊ मेट्रो का लोकार्पण भी कर दिया था जो आधा अधूरा ही था। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को फिल्म सिटी देने की तैयारी में हंै। इसके लिए भारतीय फिल्म उद्योग के कई लोगों को वहां बुलाया गया है और उन्हें जमीन भी आबंटित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2 जनवरी को मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय का शिलालेख लगा चुके हैं। 700 करोड़ रुपये से बनने वाले इस विश्वविद्यालय में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं होंगी और यहां प्रतिवर्ष करीब 1000 युवक-युवतियों को खेलों में ग्रेजुएट होने की डिग्री प्रदान की जाएगी।

जिन पांच राज्यों में चुनाव नजदीक हैं उनमें मणिपुर भी एक प्रमुख राज्य है। प्रधानमंत्री 4 जनवरी को मणिपुर और त्रिपुरा की यात्रा पर भी जाएंगे और वहां 4800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विभिन्न 22 प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे या उद्घाटन कराई करेंगे। इन तमाम उद्घाटन और शिलान्यासों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के समग्र विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबंध है। शिलान्यास और उद्घाटन का कार्यक्रम सबसे अधिक उन राज्यों में हो रहा है जहां चुनाव होने वाले हैं। इसके बाद गुजरात और हिमाचल प्रदेश का नंबर भी आता है क्योंकि 2022 के अंत में ही इन राज्यों में चुनाव होने हैं।

भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शिलान्यास व उद्घाटन करने की आतुरता इसलिए भी है कि आईएनएससी वोटर द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता 2014 में प्रधानमंत्री के बनने के बाद से वर्तमान में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। 33.5 प्रतिशत युवाओं ने कहा था कि उन्हें अभी भी पिंक स्लिप मिलने की आशंका रहती है और वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं।

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