सौराष्ट्र और तमिलनाडु में कड़े मुकाबले की संभावना, सेना पर हिमाचल का पलड़ा भारी

जयपुर, 23 दिसंबर (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। सौराष्ट्र और तमिलनाडु के बीच शुक्रवार को यहां होने वाले विजय हजारे ट्राफी एकदिवसीय टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में कड़ा मुकाबला होने की संभावना है जबकि सेना के खिलाफ हिमाचल प्रदेश का पलड़ा भारी रह सकता है।

सौराष्ट्र और तमिलनाडु ने दमदार जीत के साथ अंतिम चार में जगह बनायी। तमिलनाडु ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी कर्नाटक को 151 रन से जबकि सौराष्ट्र ने विदर्भ को सात विकेट से हराया।

दूसरी तरफ सेना ने केरल को हराकर पहली बार राष्ट्रीय एकदिवसीय चैंपियनशिप के अंतिम चार में जगह बनायी, जबकि ऋषि धवन की अगुवाई वाले हिमाचल ने उत्तर प्रदेश पर पांच विकेट से जीत दर्ज की।

सौराष्ट्र के मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है जिसमें अनुभवी शेल्डन जैक्सन, प्रेरक मांकड़ और अर्पित वासवदा शामिल हैं। ये तीनों किसी भी अच्छे आक्रमण की धज्जियां उड़ा सकते हैं जिसमें तमिलनाडु का विविधतापूर्ण आक्रमण भी शामिल है।

सौराष्ट्र के सलामी बल्लेबाजों विश्वराज जडेजा और युवा हार्विक देसाई को हालांकि अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है। समर्थ व्यास और चिराग जानी को भी अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभानी होगी। सौराष्ट्र के अपनी अंतिम एकादश में बदलाव करने की संभावना नहीं है।

अनुभवी जयदेव उनादकट और युवा तेज गेंदबाज चेतन सकारिया के रूप में सौराष्ट्र के पास दो अच्छे तेज गेंदबाज हैं जबकि स्पिन विभाग में धर्मेंद्रसिंह जडेजा और युवराज चुडास्मा की भूमिका अहम होगी।

सैयद मुश्ताक अली ट्राफी चैंपियन तमिलनाडु के लिये सलामी बल्लेबाज एन जगदीशन ने क्वार्टर फाइनल में बेहतरीन शतक लगाया था। जगदीशन और बी अपराजित को फिर से टीम को अच्छी शुरुआत देनी होगी।

उसके मध्यक्रम में कप्तान दिनेश कार्तिक, आर साई किशोर, बाबा इंद्रजीत, आलराउंडर विजय शंकर और शाहरूख खान के रूप में उपयोगी बल्लेबाज हैं जो सौराष्ट्र के आक्रमण के लिये परेशानियां खड़ी कर सकते हैं।

गेंदबाजी में साई किशोर, एम सिद्धार्थ और वाशिंगटन सुंदर की स्पिन तिकड़ी सौराष्ट्र के बल्लेबाजों के लिये परेशानी खड़ी कर सकती है। तेज गेंदबाज संदीप वारियर और आर सिलामबरासन शुरू में विकेट हासिल करने की काबिलियत रखते हैं।

दूसरे सेमीफाइनल में हिमाचल का उत्तर प्रदेश पर जीत से मनोबल बढ़ा होगा। उनकी बल्लेबाजी पिछले मैच के नायक प्रशांत चोपड़ा पर काफी निर्भर है। इसके अलावा निखिल गंगटा की भूमिका भी अहम होगी।

लेकिन उनके मध्यक्रम के बल्लेबाजों ऋषि धवन, अमित कुमार, सुमित वर्मा और आकाश वशिष्ठ को अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश के खिलाफ कहर बरपाने वाले तेज गेंदबाज विनय गलेतिया फिर से वही प्रदर्शन दोहराने के लिये उत्सुक होंगे, लेकिन उन्हें धवन, मध्यम गति के गेंदबाज सिद्धार्थ शर्मा, पंकज जायसवाल और बाएं हाथ के स्पिनर मयंक डागर से भी सहयोग की जरूरत पड़ेगी।

सेना की उम्मीदें अनुभवी सलामी बल्लेबाज रवि चैहान और कप्तान रजत पालिवाल पर टिकी रहेंगी। गेंदबाजी में दिवेश पठानिया की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

दोनों मैच सुबह नौ बजे से शुरू होंगे।

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