पंजाब में फसल अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के तहत 25,000 टन पराली का किया गया पुनर्चक्रण

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (सक्षम भारत)। उद्योग मंडल सीआईआई ने रविवार को कहा कि पंजाब में फसल अपशिष्ट प्रबंधन के उसके कार्यक्रम के तहत करीब 25,000 टन पराली के पुनर्चक्रण में मदद मिली। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने फसल अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना से जुड़ी प्रभाव रिपोर्ट में कहा है, 2018 में करीब 25,000 टन पराली को वापस जमीन में भेजा गया। इससे 115 टन पार्टिकुलेट मैटर (पीएम2.5) को हवा में मिलने से रोका गया। सीआईआई ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ उत्तर पश्चिमी राज्य में बॉयोमास प्रंबधन को लेकर कार्रवाई की योजना तैयार की। केंद्र सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने को लेकर राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों को समर्थन देने के लिए रियायत योजना की शुरुआत भी की। सीआईआई ने फसल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्रवाई को लेकर उद्योग को एकजुट किया। उसके बाद पंजाब के 19 गांवों में पायलट परियोजना की शुरूआत की गयी। सीआईआई फाउंडेशन ने पंजाब के स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर कृषक समुदाय को जोड़ा और पराली के निपटान के लिये संबंधित तकनीक को प्रदर्शित किया। इन गांवों को 2018 में पराली जलाने से मुक्त किया गया और किसानों को टिकाऊ कृषि गतिविधियां अपनाने के लिये तकनीकी सहायता प्रदान की गयी।

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