भाजपा की राह अग्रसर करेगी पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम की जीत: राम बहादुर राय

पटना/नई दिल्ली, 20 मई (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। वरिष्ठ पत्रकार व इंदिरा गांधी कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में सुवेन्दु अधिकारी की जीत इस राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए भविष्य की राह तैयार करेगी। गत बुधवार को ष्पश्चिम बंगाल की राजनीति और भाजपाष् विषय पर बिहार प्रदेश भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग की एक अहम वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के प्रदेश संयोजक राकेश ठाकुर ने की। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता राय ने कहा कि भाजपा को दो मापदंडों से देखा जा सकता है यानि तब और अब की भाजपा। उन्होंने 1952 के जनसंघ यानि अब की भाजपा को उस वक्त मिले 5.6 फीसदी वोट और वर्ष 2021 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को मिले 77 सीट और तकरीबन 38 फीसदी वोट का भी जिक्र किया। राय ने अपने संबोधन में इस बात का भी जिक्र किया कि अयोध्या आंदोलन की लहर पश्चिम बंगाल भी पहुंची थी और भाजपा को 1991 में 11.3 फीसदी वोट मिला था। उन्होंने आगे कहा कि इमेरजेंसी के दौरान 1977 में हुए चुनाव में इंदिरा गांधी को उल्टा परिणाम देखने को मिला। ध्रुवीकरण, भाई भतीजावाद और सरकारी योजनाओं का लाभ भी एक वर्ग विशेष को दिए जाने के कारण चुनाव में विपरीत असर पड़ा। राय ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि हिन्दू मन को पढ़ने और उस दिशा में काम करने से राजनीतिक काया पलट की गाथा लिखी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद ममता बनर्जी जिस प्रकार से सरकार चला रही हैं, नहीं लगता है कि वह कार्यकाल पूरा कर सकेंगी। क्योंकि लोकतांत्रिक सरकार की भी कुछ लक्ष्मण रेखा होती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य के लालगंज से विधायक संजय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल में हुए विधान सभा चुनाव के दौरान भ्रमण करने का मौका मिला था, लेकिन उनका अनुभव बड़ा कड़वा रहा। गांव-गांव में जंगल राज से भी ज्यादा भयावह स्थिति थी। लोग भय और आंतक के माहौल में जीने के लिये विवश थे और अभी भी हैं। बैठक को विभाग के प्रदेश मीडिया प्रभारी मुकेश कुमार, पटना हाई कोर्ट में भारत सरकार के पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सह वरिष्ठ भाजपा नेता एस डी संजय, पटना सिविल कोर्ट में सरकारी वकील शम्भू प्रसाद, भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष अवधेश कुमार पांडेय व प्रोफेसर अनिल कुमार सिन्हा समेत अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।

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