अमेरिका का भारत समेत 54 देशों पर 12.5% अतिरिक्त आयात शुल्क का प्रस्ताव, ‘जबरन श्रम’ का आरोप
नई दिल्ली, 03 जून (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने भारत, चीन, जापान और ब्रिटेन सहित 54 देशों से आने वाले सामानों पर 12.5 प्रतिशत का अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। अमेरिका का तर्क है कि ये देश अपने यहां ‘जबरन श्रम’ (बंधुआ मजदूरी) से निर्मित वस्तुओं के आयात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी श्रमिकों के लिए वैश्विक स्तर पर समान और प्रतिस्पर्धी व्यापारिक वातावरण तैयार करना है।
भारत सरकार ने अमेरिका द्वारा लगाए गए इन सभी आरोपों को आधारहीन बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है। भारतीय अधिकारियों ने इस एकतरफा जांच को तुरंत बंद करने की मांग करते हुए कहा है कि ऐसे जटिल मुद्दों को आपसी द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के माध्यम से ही सुलझाना चाहिए। अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने से पहले 7 जुलाई 2026 को औपचारिक जनसुनवाई का कार्यक्रम निर्धारित किया है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिका ने वस्त्र उद्योग के लिए एक विशेष राहत तंत्र का सुझाव दिया है। इसके तहत कुछ चुनिंदा देशों से आने वाले कपड़ों और कच्चे माल के लिए एक निश्चित कोटा तय कर कम टैरिफ दर पर प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है, जिससे भारतीय निर्यातकों को संभावित राहत मिल सकती है। अब सभी प्रभावित देशों की नजरें 6 जुलाई तक होने वाली लिखित टिप्पणियों और आगामी जनसुनवाई पर टिकी हैं।
