व्यापार

केंद्र सरकार का ऐतिहासिक फैसला, अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन, रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियमों में दी बड़ी ढील

नई दिल्ली, 30 मार्च (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति में आ रही बाधाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा सुरक्षात्मक कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अस्थाई रूप से नियमों में ढील देते हुए अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री की अनुमति दे दी है। इस योजना के तहत इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के चिन्हित पंपों पर 5,000 लीटर तक केरोसिन का भंडारण और वितरण किया जा सकेगा। यह व्यवस्था अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगी, ताकि एलएनजी की वैश्विक कमी के दौरान आम नागरिकों के पास खाना पकाने के लिए एक मजबूत वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध रहे।

विशेष बात यह है कि इस योजना में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे उन राज्यों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें पूर्व में ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित किया जा चुका था। सरकार ने राज्यों के नियमित कोटे के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन का विशेष आवंटन किया है। नियमों के अनुसार, प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इस वितरण कार्य के लिए नामित किया जा सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भले ही लाइसेंसिंग नियमों में ढील दी गई है, लेकिन सुरक्षा मानकों और निगरानी में कोई समझौता नहीं किया जाएगा ताकि इस दौरान ईंधन की कालाबाजारी या मिलावट को पूरी तरह रोका जा सके।

सरकार केवल केरोसिन तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कोयला और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया को राज्यों को अधिक कोटा आवंटित करने के निर्देश दिए हैं, जबकि राज्य सरकारों से नए पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया है। राशन दुकानों (PDS) के माध्यम से भी केरोसिन का वितरण जारी रहेगा, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस बहुआयामी रणनीति का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखना और आम आदमी की रसोई पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *