मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध के चलते सीबीएसई ने रद्द की 10वीं की परीक्षाएं, 12वीं के पेपर भी टले, संकट के बीच अब असेसमेंट स्कीम से बनेगा रिजल्ट
नई दिल्ली, 06 मार्च (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया है। सीबीएसई ने सुरक्षा कारणों से बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में 11 मार्च तक की 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। वहीं, 12वीं कक्षा के लिए 7 मार्च को होने वाला पेपर फिलहाल टाल दिया गया है। बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि छात्रों की जान जोखिम में डालकर परीक्षा कराना संभव नहीं है, क्योंकि इन देशों में लगातार हवाई हमलों का खतरा बना हुआ है।
परीक्षाएं रद्द होने के बाद अब 10वीं के छात्रों का परिणाम एक विशेष ‘असेसमेंट स्कीम’ के तहत तैयार किया जाएगा। सीबीएसई का लक्ष्य है कि छात्रों का साल खराब न हो, इसलिए उन विषयों के अंक जिनमें परीक्षाएं हो चुकी हैं और स्कूल के इंटरनल असेसमेंट या प्री-बोर्ड के अंकों को आधार बनाकर फाइनल ग्रेडिंग की जा सकती है। बोर्ड जल्द ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगा ताकि छात्रों को बिना किसी भेदभाव के अगली कक्षा में प्रवेश मिल सके। 12वीं के छात्रों के लिए स्थिति की समीक्षा 7 मार्च के बाद की जाएगी।
क्षेत्र में तनाव तब चरम पर पहुँच गया जब 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया गया। सीबीएसई ने प्रभावित देशों के सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अभिभावकों और छात्रों के साथ निरंतर संपर्क में रहें और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचें। बोर्ड ने 12वीं के छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी है, ताकि स्थिति सामान्य होते ही शेष परीक्षाएं आयोजित की जा सकें। इस वैश्विक संकट ने हजारों भारतीय छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
