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सुदीप मेरे छोटे भाई जैसा है उसे कैसे मना करता: सुनील शेट्टी

मुंबई, 22 अगस्त (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। दक्षिणी फिल्मों का सैलाब अब हिन्दी भाषा में भी पूर्ण रूप से पैर जमाने की कोशिश कर रहा है। आए दिन एक ना एक दक्षिणी फिल्म हिन्दी भाषा के साथ भी रिलीज की जाती है। ऐसा ही आज हुआ। आज साउथ के सुपरस्टार किच्छा सुदीप और हिन्दी फिल्मों के जाने माने अभिनेता सुनील शेट्टी की कन्नड़ भाषी फिल्म पहलवान का ट्रेलर हिन्दी में लॉन्च हुआ। ट्रेलर को देखने के बाद आपको भी दंगल से लेकर सुल्तान तक सभी फिल्मों की याद आ जाएगी। खास बात यह है की सुनील शेट्टी इस फिल्म से पहली बार कन्नड़ फिल्मों में स्थान ग्रहण कर रहे हैं, साथ ही साथ कई साल बाद बड़े परदे पर भी वापसी कर रहे हैं।

इसी बात से खुश और उत्साहित होकर सुनील शेट्टी उर्फ अन्ना कहते हैं सिर्फ और सिर्फ किच्छा सुदीप की वजह से मैंने यह फिल्म की है। कहीं न कहीं मैं इनसे जुड़ गया था, सुदीप मेरे छोटे भाई की तरह है। इस फिल्म का सफर सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग के पिच से शुरू हुआ है। अब हिन्दी ही नहीं बल्कि सभी भाषाओं में फिल्में और भी अच्छी बनती जा रही हैं, इसीलिए हमने यह क्रिकेट लीग शुरू की, ताकी हम कलाकार एक दूसरे से मिल सकें और अपने विचार साझा कर सकें। लगता है हमारी यह योजना कारगर रही है। जब किच्छा से फील्ड पर मुलाकात हुई तो पता चला की वह गलत के हमेशा खिलाफ रहने वाला व्यक्ति है। इसीलिए हम दोनों की काफी अच्छी बनी।

सुनील शेट्टी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा चार साल काम नहीं किया था, मुझे खुद ही नहीं पता था की आगे क्या करूंगा। उस वक्त मेरे पास एक कन्नड़ फिल्म की स्क्रिप्ट आई, मैंने पढ़ी और मुझे अच्छी लगी पर मैंने उसे हां नहीं किया। कुछ दिन बाद मुझे किच्छा का फोन आया, उसने बोला की अन्ना मेरे पास यह कहानी है क्या आप सुनेंगे। तब फिल्म के निर्देशक कृष्णा मेरे पास आए, उन्होंने अपनी कहानी सुनाई। मुझे वह बेहद पसंद आई क्योंकि यह एक स्पोर्ट्स से जुड़ी फिल्म है। स्पोर्ट्स की वजह से ही आज मैं और किच्छा एक दूसरे को जानते हैं, तो मैं बहुत खुश हुआ और इस फिल्म के लिए हामी भरदी। ऊपर से खास बात यह रही की कन्नड़ मेरी जन्मभूमि है, उसमें पहली बार फिल्म करना मेरे लिए अद्भुत अहसास है।

इनके बाद फिल्म के हीरो किच्छा सुदीप से सवाल हुआ की वो कुछ ही महीनों में तीन-तीन फिल्मों के साथ आ रहे हैं, जो सभी हिन्दी भाषा में भी देखी जा सकती हैं। तब किच्छा कहते हैं यह तो अच्छी ही बात है, एक कलाकार को और क्या ही चाहिए होता है। कितनी फिल्म रिलीज हो रही हैं और कितनी भाषाओं में रिलीज हो रही हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है की इतने निर्माताओं को आप की जरूरत है और आपको काम देना चाहते हैं। जिस दिन एक अभिनेता की आवश्यकता नहीं होती है, वह दिन जब कोई भी आपके लिए नहीं लिख रहा होता है, तब आप वास्तव में मर चुके होते हैं। वो 4-5 फ्लॉप फिल्में नहीं होतीं जो एक अभिनेता को मारती हैं, बल्कि एक अभिनेता तब मरता है जब किसी भी कलाकार को उसकी जरूरत नहीं होती। यह बहुत डरावना क्षण होता है। आज जब इतने लोग मेरे लिए लिख रहे हैं और बहुत से लोगों को मेरी जरूरत है, मुझे लगता है कि एक अभिनेता के लिए इससे अच्छी बात हो ही नहीं सकती। इन दोनों जाने माने चेहरों कि इस फिल्म का निर्देशन एस कृष्णा ने किया है। फिल्म में किच्छा सुदीप और सुनील शेट्टी के साथ सुशांत सिंह और टीवी का जाना माना चेहरा आकांक्षा सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं।

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