नये हालात में अमेरिका से परस्पर लाभकारी समझौते की बातचीत जारी: वाणिज्य सचिव
नई दिल्ली, 17 मार्च (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। सरकार ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन के जवाबी आयात शुल्कों को निरस्त करने के वहां के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उत्पन्न स्थित में भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्याेग मंत्रालय ने वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के हवाले से कहा है कि गत 20 फ़रवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प सरकार द्वारा भारत सहित विभिन्न देशों के खिलाफ लगाये गये जवाबी शुल्कों जिस तरह अमान्य घोषित किया है उससे भारत पर ये शुल्क अब प्रभाव में नहीं हैं।
इस बीच अमेरिकी प्रशासन ने व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 122 के तहत सभी देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगाने के लिए अधिशासी आदेश जारी किए हैं। इसी सदर्भ में वाणिज्य सचिव के हवाले से कहा गया है, ” भारत, दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।”
श्री अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी के फैसले से पहले भारत और अमेरिका के बीच दो फ़रवरी को घोषित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते का हवाला देते हुए कहा है कि इस समझौते के लिए सात फ़रवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। उन्होंने कहा है कि सात फ़रवरी 2026 को ही अमेरिका द्वारा भारत के रूसी तेल आयात का हवाला देते हुए कुछ भारतीय निर्यातों पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त एड-वैलोरम शुल्क हटा दिए गए थे। उल्लेखनीय है कि रूस से तेल आयात को लेकर अगस्त के आखिरी सप्ताह में लागू इस 25 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क के हटाये जाने के बावजूद अमेरिका में भारतीय माल अगस्त के पूर्वार्ध में लागू 25 प्रतिशत के जवाबी शुल्क बने हुए थे क्योंकि अंतरिम व्यापार समझौते को कानूनी रूप दिया जाना बाकी रह गया था। इसी बीच इन शुल्कों को खारिज करने का सुप्रीम कोट का निर्णय आ गया।
अंतरिम समझौते में अमेरिका की ओर से भारत से पहुंचने वाली विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की निम्न दर से शुल्क सहमति बनी थी। शुल्क की यह दर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा धारा 122 के तहत सभी देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत की दर से लगाए गये शुल्क से अधिक है।
