जनवरी में देश के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधि में मामूली सुधार हुआ: पीएमआई
-नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में वृद्धि के कारण विनिर्माण क्षेत्र में आई तेजी
नई दिल्ली, 02 फरवरी (ऐजेंसी/सक्षम भारत)। एचएसबीसी इंडिया के मासिक सर्वेक्षण में जनवरी में विनिर्माण गतिविधियों में सुधार देखा गया। मौसमी रूप से समायोजित पीएमआई 55.4 पर पहुंचा, जो दिसंबर के 55 से थोड़ा ऊपर है। पीएमआई में 50 से ऊपर का अंक विस्तार और 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। सर्वेक्षण के अनुसार नए ऑर्डर, उत्पादन और रोजगार में वृद्धि के कारण विनिर्माण क्षेत्र में गति बनी। सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों ने बताया कि घरेलू बाजार से कुल बिक्री में मुख्य योगदान मिला। हालांकि निर्यात ऑर्डर में भी वृद्धि हुई, लेकिन इसकी रफ्तार अपेक्षाकृत कम रही। जिन कंपनियों के निर्यात ऑर्डर बढ़े, उन्होंने एशिया, ऑस्ट्रेलिया कनाडा, यूरोप और पश्चिम एशिया से मांग में इजाफा बताया। जनवरी में वस्तु उत्पादक कंपनियों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती जारी रखी। रोजगार सृजन की गति मामूली रही, लेकिन पिछले तीन महीनों में सबसे तेज रही। सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि नई तकनीक और निवेश ने उत्पादन को समर्थन दिया। कच्चे माल की कीमतें चार महीनों के उच्चतम स्तर तक बढ़ीं, जबकि फैक्ट्री-गेट कीमतों में वृद्धि धीमी रही। इससे विनिर्माताओं के मुनाफे पर हल्का दबाव पड़ा। हालांकि नए ऑर्डर में तेजी आई, भविष्य के उत्पादन के प्रति कारोबारी विश्वास साढ़े तीन साल के सबसे निचले स्तर पर रहा। केवल 15 फीसदी कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि 83 फीसदी ने बदलाव की कोई संभावना नहीं बताई।
